वैश्वीकरण राष्ट्र प्रेम एवं स्वदेश की भावना को आघात पहुँचा रहा है। लोग विदेशी वस्तुओं का उपभोग करना शान समझते है एवं देशी वस्तुओं को घटिया एवं तिरस्कार योग समझते हैं। Gratitude: Convey your presentation to the conclusion by thanking All people for his or her attention. Give recognition on https://archergcxsl.win-blog.com/13836875/little-known-facts-about-mahakal